वास्तु शास्त्र के अनुसार कैसा हो आपका पूजाघर ll

हिंदू धर्म में मूर्ति पूजा को सर्वोपरि माना गया है l इससे मन की शांति और भगवान की कृपा मिलती है l पूजा पाठ से हमेशा सकारात्मक ऊर्जा मिलती हैंl

पूजाघर में कभी भी भगवान की मूर्तियां टूटी हुई या खंडित अवस्था में नहीं रखनी चाहिए l इससे पूजा का पूरा फल प्राप्त नहीं होता l पूजाघर हमेशा ईशान कोण में यानी उत्तर-पूर्वी कोने में सर्वोत्तम माना गया है l

भगवान की मूर्तियों के बारे में l

यहां हम बात करेंगे की पूजाघर में भगवान की मूर्तियां कभी भी इस तरह से नहीं रखनी चाहिए, कि उसके पीछे का भाग यानी पीठ दिखाई दे, मतलब की मूर्ति बिल्कुल सामने से ही दिखाई देनी चाहिए l

किसी भी भगवान की पीठ का दिखाई देना शुभ नहीं माना जाता है l पूजाघर में कभी भी गणेश जी की दो से अधिक मूर्तियां यह तस्वीर नहीं रखनी चाहिए l घर की दो अलग-अलग जगहों पर एक भगवान की 2 तस्वीरें हो सकती हैं l

किस तरह की तस्वीर नहीं होनी चाहिए पूजा घर में l

भगवान की ऐसी मूर्ति या तस्वीर नहीं होनी चाहिए, जो कि युद्ध की मुद्रा में हो l जिसमें भगवान ने रौद्र रूप धारण किया हुआ हो l हमेशा सुंदर, सौम्य और आशीर्वाद  मुद्रा वाली मूर्तियां ही घर में होनी चाहिए l

इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है l खंडित मूर्तियों को किसी भी जल में विसर्जित कर सकते हैं, या फिर पीपल के वृक्ष के नीचे रख सकते हैं l

पूजाघर में हमेशा लक्ष्मी जी की बैठी हुई मूर्ति की ही पूजा करना शुभ माना जाता है l पूजाघर में अपने मृत पूर्वजों का चित्र फोटो कभी भी नहीं लगाना चाहिए l पूजाघर कभी भी शयनकक्ष या रसोई घर में नहीं होना चाहिए l

पूजाघर में शंख अवश्य ही रखना चाहिए l एक बात ध्यान रखें कि शंख कभी भी खाली ना रखें l इससे हमेशा जल से भरकर ही पूजा में रखना चाहिए l

vastu-ke-anusar-pujaghar-kaisa-or-kis-disha-me-hona-chahiye

वह लोग जो घर के ईशान कोण में पूजाघर नहीं बना सकते हैं l वह यह उपाय कर सकते हैं, कि ईशान कोण में एक बड़ा सा लाल सिंदूर से स्वास्तिक का चिन्ह बना दें l जो कि 9 अंगुल चौड़ा होना चाहिए इससे उत्पन्न वास्तु दोष समाप्त हो जाएगा l

पूजाघर को रोज प्रतिदिन साफ करना चाहिए कभी भी धूल मिट्टी जमा नहीं होने देनी चाहिए l और पूजाघर में बजाने वाली घंटी व जल से भरी हुई लुटिया को अपने बाएं हाथ की ओर ही रखनी चाहिए l

घर में कभी भी प्राण प्रतिष्ठित मूर्ति की स्थापना ना करें l अगर आप इनकी प्रतिदिन एक जीवित व्यक्ति के समान सेवा कर सकते हैं तो, तभी रखें l

अन्यथा यह आपके लिए बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण साबित हो सकती है l

शुभ फल की बजाय आपको अशुभ फल प्रदान करेगी l क्योंकि प्राण प्रतिष्ठित मूर्तियां अत्यधिक सेवा चाहती हैं l जो दिन-रात प्रभु की सेवा में लीन रहे l

ऐसा घर गृहस्ती वाले जीवन में संभव नहीं हो पाता है l इसके कई दुष्परिणाम देखे गए हैं l संभव यही है कि आप इससे बचे l

विशेष:-

प्रिय पाठकों पूजाघर हमारे घर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है तो इसे हमेशा बताई गई बातों को ध्यान में रखते हुए ही सुसज्जित करें l

पूजाघर हमेशा लकड़ी का या सफेद मार्बल के पत्थर का ही बनवाना चाहिए l किसी मेटल या ग्लास एक्रेलिक का नहीं बनवाना चाहिए l

पूजाघर में फालतू का कबाड़ कभी इकट्ठा ना करें l समय-समय पर  छटनी करते रहे l इससे आपको पॉजिटिव प्रभाव देखने को मिलेगा ओर सुख समृद्धि बनी रहेगी l

इस तरह से पूजा करने से मिलेगा सम्पूर्ण फल

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