वास्तु के अनुसार ऐसा हो मकान/घर ||

वास्तुशास्त्र में  दिशा का महत्व ||

 दिशा का ज्ञान को ही वास्तु कहते हैं | वास्तु वह होता है जिसमें दिशाओं को ध्यान में रखकर भवन निर्माण व उसका इंटीरियर डेकोरेशन करवाया जाता है |

वास्तु के अनुसार बनवाया हुआ घर ही हमारी खुशहाली व समृद्धि के द्वार खोलता है | वास्तु शास्त्र में दिशाओ का  बोहोत ही महत्व बताया गया है |  अगर आपके घर में गलत दिशा में कोई निर्माण होगा, तो उससे आपके परिवार को किसी न किसी तरह की हानि अवश्य ही होगी |

ऐसा वास्तु के अनुसार माना जाता है | वास्तु में आठ दिशाएं महत्वपूर्ण होती हैं | भवन निर्माण करवाते समय इनका ध्यान रखना अति आवश्यक है |

उत्तर दिशा:-

यह दिशा खुली, व हवादार होनी चाहिए | खिड़किया, बालकनी यहां पर होनी चाहिए | या फिर यहां पानी का टैंक, पानी का वाशबेसिन, पानी की टंकी बनवा सकते हैं | यदि मेन गेट इस दिशा में है, तो उत्तम है | यहां स्नान घर भी बनवा सकते हैं |

दक्षिण दिशा :-

अन्य दिशाओं की अपेक्षा यह दिशा ऊंची होनी चाहिए | इस दिशा पर आप घर के सभी भारी सामान रख सकते हैं | इस दिशा को खुलापन या खिड़की नहीं होनी चाहिए | इस दिशा में  मेन गेट है तो सदैव घर में  क्लेश व् नकारात्मक ऊर्जा रहेगी |

  पूर्व दिशा:-

 पूर्व दिशा सूर्य उदय की दिशा है | इस दिशा में घर का मेन गेट है, तो अति उत्तम है | इससे सकारात्मक  व् ऊर्जावां किरणे  हमारे घर में आती रहेंगी | इस दिशा में बच्चों का स्टडी रूम बनवा सकते हैं |

पश्चिम दिशा:- 

 इस दिशा में आप बेडरूम, डाइनिंग रूम या किसी प्रकार का भी रूम बनवा सकते हैं |  यहां पर आप स्नान घर भी बनवा सकते हैं जिसका गेट उत्तर या पूर्व दिशा में खुलता हो |  यहां पर मेन गेट मध्यम फलदायी रहता है |

उत्तर पश्चिम दिशा:-

 इस दिशा को वायव्ये कौण  भी कहा जाता है | यदि आपके घर में नौकर है, तो उसका यहां पर कमरा बनवाया जा सकता है | इसके अतिरिक्त आप यहां पर गैराज, गौशाला, और टॉयलेट- बाथरूम भी बनवा सकते हैं |

दक्षिण पूर्व दिशा:-

इस दिशा को अग्नि कोण कहा जाता है | यहां आप अपना रसोई घर बनवा सकते हैं, जो उत्तम फल प्रदान करेगा |  यह अग्नि की दिशा है | इसके अतिरिक्त आप यहां गैस सिलेंडर रख सकते हैं | बायलर, ट्रांसफार्मर, इलेक्ट्रॉनिक सामान रख सकते हैं |

kitchen 1336160 1920

दक्षिण पश्चिम दिशा:-

यह दिशा अन्य दिशाओ की तुलना में यह स्थान ऊंचा होनी  चाहिए | इसे नैत्रत्य कोण कहा जाता है | इसे भी आप कभी खुला ना रखें | यहां पर गृहस्वामी यानी घर के मालिक का कमरा बनाया जा सकता है |

यहाँ आप  स्टोर रूम अथवा कबाड़ रूम बना सकते है, जहा पर आप कोई भी फालतू सामान ,वाशिंग मशीन, मोटर, इत्यादि  सामान रख सकते हैं | यहां पर सीढ़ियां भी बनवाई जा सकती हैं |

उत्तर पूर्व दिशा:-

इसे ईशान कोण कहा जाता है | यह जल की दिशा होती है | यह सभी दिशाओं की अपेक्षा  यह स्थान नीचा होना चाहिए | इस दिशा में आप बोरिंग, स्विमिंग पूल, पानी का कोई भी काम करवा सकते हैं | इधर आप पूजाघर अवश्य बनवा सकते हैं जो कि अति उत्तम रहेगा | 

विशेष :- 

तो प्रिय पाठको ! इस प्रकार  वास्तु के सभी नियमो के अनुसार आप भी अपने घर को खुशहाल एवं समृद्ध बना सकते है | आजकल के फैशन परस्त  युग में कई लोग इस तथ्य की उपेक्षा कर भवन निर्माण के बाद शारीरिक, मानसिक व् आर्थिक क्षति उठाते है | और अपने दुखो का खुद ही कारन बनते है | तो कृपया घर बनाने से पूर्व इन वास्तु टिप्स का अवश्य ही ध्यान रखे |

More Vastu Tips

1 thought on “वास्तु के अनुसार ऐसा हो मकान/घर ||”

Leave a Comment

%d bloggers like this: