क्यों रखनी चाहिये भगवान बुद्ध की मूर्ति ? क्या होता है लाभ ?

लोग चाहते हैं कि उनके घर में उनके आधार पर जीवंन शैली आलीशान या सरल हों। हालाँकि, एक शांतिपूर्ण घर वह होता है जहाँ आप एक अच्छी रात की नींद ले सकते हैंl शांति मन की एक वो स्थिति है जो सीधे उस स्थान की ऊर्जा से जुड़ी होती है जिसमें हम रहते हैं।

बुद्ध की प्रतिमाएं उन प्रतीकों में से एक हैं जो शांति और सद्भाव लाने में मदद करती हैं। प्रश्न यह उठता है कि बुद्ध की प्रतिमा को घर में कहां रखें और क्यों रखें?

बौद्ध माने जाते है की वह भगवान् नारायण हरी के ही अवतार है l धर्म के अग्रदूत गौतम बुद्ध की छवि ने सदियों से कला और मूर्तिकला को प्रेरित किया है। लेकिन समय के साथ, बुद्ध ने एक धार्मिक आइकन के रूप में अपनी भूमिका को पार कर लिया l और आंतरिक शांति के साथ प्रतीकात्मक बन गए।

बुद्ध की छवि या मूर्ती अब अपील की दृष्टि से धर्मनिरपेक्ष और बहुमुखी है। हालांकि कम ही लोग वास्तव में भगवन बुद्ध के विभिन्न पदों के महत्व को जानते हैं। और उन्हें सर्वश्रेष्ठ परिणामों के लिए कहां रखा जाए अब हम इस पर चर्चा करते है l

यहां आपके घर में बुद्ध के विभिन्न रूपों को रखकर सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित किया जा सकता है l

अपने घर के प्रवेश द्वार के सामने आशीर्वाद मुद्रा में बैठे हुए बुद्ध की मूर्ती रख सकते है l


आशीर्वाद मुद्रा में उठे हुए एक हाथ से बैठे हुए बुद्ध के इस मुद्रा के दो अर्थ हैं, और वे परस्पर जुड़े हुए हैं।

पहली सुरक्षा है जहां उठाया हाथ नकारात्मकता या नेगेटिव एनर्जी और खतरे को बाहर रखने के लिए कार्य करता है।

दूसरा अर्थ यह है कि साथ ही साथ घर में शांति होने पर आपसी तनाव व् कलेश दूर हो जाता है। भगवान् बुद्ध के आशीर्वाद मुद्रा का बोहोत पॉज़िटिव प्रावाव देखने को मिलता है l

ध्यान करने अथवा मैडिटेशन वाली बुद्ध की मूर्तियाँ शांत कोनों में यानि की पश्चिम दिशा में रख सकते है l
अगर आप अपने मन की आंतरिक शांति चाहते हैं, तो बुद्ध की ध्यान मुद्रा आपके लिए सर्वोत्तम है। इस मुद्रा में, बुद्ध अपने पैरों को मुड़ा हुआ, बैठे हुए और हाथों को गोद में लिए हुए दिखाई देते हैं।

ध्यान में गहरी लीन होने के कारण बुद्ध की आँखें पूरी तरह या आंशिक रूप से बंद हैं। इसे मैडिटेशन की स्थिति कहा जाता है जो की आपके मानसिक परेशानियों को दूर करने में कारगर साबित होता है एक बार अवश्य ही आजमाय l

इन्हें कहां रखें:

ध्यान लगते हुए बुद्ध की मूर्तियों को घर के किसी भी शांत कोने या कमरे में रखा जा सकता है। जहां आप ज्यादातर ध्यान करने के लिए या मैडिटेशन के लिए अपना समय व्यतीत करते हो l या ऐसा फिर ये अपने बेडरूममे भी रख सकते है l लेकिन जरूर ध्यान रखे की आप इसे अपने पूजाघर में खभी भी ना रखे l

Kyu-rakhni-chahiye-bhagwan-buddh-ki-murti-kya-hota-hai-labh

कहाँ रखें बुद्ध की प्रार्थना करते हुए मूर्ती :-

घर में बुद्ध की प्रार्थना करते हुए मूर्ति रखने के लिए विशेष स्थान पूर्व दिशा है आप इन्हे यहाँ स्थापित कर सकते है l
कभी भी आप भगवान् बुद्ध की मूर्ती को अपनी आखो के लेवल से नीचे स्थान पर ना रखे सदैव ऊचे स्थान पर ही रखे l बुद्ध की मूर्ती प्रार्थना के लिए मुड़े हुए उनके हाथ बुद्ध भक्ति और विश्वास का प्रतिनिधित्व करते हैं।

ध्यान रखने योग्य बात ये है की बुद्ध का यह रूप आपके वेदी या पूजा कक्ष यानी कमरे में रख सकते है ना की पूजाघर में

विशेष :-

तो प्रिय पाठकों बुद्ध की शोपीस को घर में कभी भी नीचे स्थान में ना रखे यह उनके प्रति अपमानजनक माना जाता है। बुद्ध की ये शांति प्रिय मूर्ती को घर में लगाना के बाद परिवार में शांति प्रिय मौहोल बनता है व आपसी तनाव अवश्य ही समाप्त हो जाता है बुद्ध की यह चमत्कारिक मूर्ती की विशेषता को आप एक बार जरूर आजमाकर देखिये l

 

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