Bilvapatr Kee Mahima || बिल्वपत्र की महिमा ||

हिन्दू शास्त्रों के अनुसार भगवान  महादेव की पूजा करने के लिए शिवलिंग पर केवल बिल्वपत्र चढ़ाकर ही हम अपने हर मनोकामनाएँ  पूर्ण कर सकते है l अथवा पूजा का पूर्ण फल प्राप्त कर सकते है l

स्कन्द पुराण के अनुसार बिल्वपत्र के वृक्ष को “श्री वृक्ष” और “शिवद्रम” भी कहा जाता हैं। और भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है। कहा जाता है की, बेलपत्र के पत्ते में त्रिनेत्र भगवान महादेव का स्वरूप है ।

* बिल्व वृक्ष के निकट कभी भी सर्प नहीं आते ।

* अगर किसी की अंतिम यात्रा बिल्व वृक्ष की पास से होकर जाये तो उसको मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है ।

* पर्यावरण में फैली हुई अशुध्दियों को ख़तम की क्षमता सबसे अधिक बिल्व वृक्ष में पायी जाती है।

* 4, 5, 6 व 7 पत्तो वाले बिल्व पत्र शिवलिंग पर चढ़ाने से अन्ततः गुना फल मिलता है l

* और बेल पत्र के वृक्षारोपण  करने से कुल में वृद्धि होती है। अथवा इसके विपरीत बेलपत्र के वृक्ष को काटने से कुल का भी नाश हो सकता है l

* और केवल प्रातः व् संध्या वेला पर बेलपत्र के दर्शन मात्र से ही पाप नष्ट हो जाते है l

* बेल पत्र के वृक्ष को सुबह शाम पानी चढ़ाने से पितर की तृप्ति होती है।

* लक्ष्मी प्राप्ति के लिए सफेद आकड़े का पेड़ और बेल पत्र का पौधा साथ साथ लगाए l

* अगर आप अपने जीवन में दिन पतिदिन शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाते है तो आप सभी पाप कर्म से मुक्त हो जाते है l और इसका बोहोत अधिक लाभ प्राप्त होता है l

शिवपुराण के अनुसार जानिए कौन सा अनाज भगवान शिव को चढ़ाने से क्या फल मिलता है

*महादेव को अक्षत अर्पित करने से अटूट धन की प्राप्ति होती है।

*काळा तिल अर्पित करने से सभी पापों का नाश हो जाता है।

*महादेव को जौ अर्पित करने से सभी सुख में वृद्धि होती है।

*गेहूं के दाने चढ़ाने से वंश में वृद्धि होती है। और यह सभी अनाज महादेव को अर्पण करने के बाद किसी भी गरीबों में बात ।

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शिव पुराण के अनुसार जानिए भगवान शिव को कौन सा रस (द्रव्य) चढ़ाने से उसका क्या फल मिलता है

  • ज्वर  होने पर महादेव को गंगा जलचढ़ाने से बोहोत ही जल्द लाभ मिलता है। 
  • नपुंसक आदमी को अगर देसी शुद्ध घी से महादेव का अभिषेक करवाए या स्वम् करे , और ब्राह्मणों को पूरे मान सम्मान से भोजन कराए तथा सोमवार का व्रत करे तो उसकी समस्या का निदान अवश्य ही होता है।
  • तीव्र बुध्दि के लिए शक्कर से मिला दूध महादेव को चढ़ाएं।
  • सुगंधित अथवा खुशबूदार तेल महादेव को चढ़ाने से समृद्धि में वृद्धि होती है।
  • कर्जा मुक्ति के लिए शिवलिंग पे गन्ने का रास चढ़ाये बोहोत ही जल्द कर्जा मुक्ति होती है l
  • मधु (शहद) से भगवान शिव का अभिषेक करने से सौभाग्य में वृद्धि होती है l 

बिल्वपत्र के वृक्ष की उत्पत्ति

स्कंद पुराण के अनुसार एक बार माता पार्वती ने अपनी उंगलियों से अपने मस्तक से पसीना पोछ कर फेंक दिया मांता पार्वती के पसीने की कुछ बूंदे मंदार पर्वत पर जा कर गिरी । कहा जाता है की उसी से बिल्व पत्र के वृक्ष की उत्पत्ति हुई ।

शास्त्रों के अनुसार बेलपत्र की जड़ में माँ  गिरिजा, तने में माँ  महेश्वरी, शाखाओं में माँ दक्षयायनी, बेलपत्र के पत्तियों में माँ पार्वती और फूलों में मां कात्यायनी का वास है ।

विशेष:-

तो प्रिय पाठको बेलपत्र का पौधा अपने घर में अवश्य ही लगाएं । यह बहुत पवित्र व समृद्धि देने वाला है ।

बेलपत्र के पूजन से महालक्ष्मी शीघ्र अति शीघ्र प्रसन्न होती हैं । समस्त सांसारिक सुख की प्राप्ति होती है धन संपत्ति की कभी कमी नहीं होती है।

|| करे ॐ  का जाप मिट जाएंगे जीवन के पाप ||

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