ऐसे करे किचन का वास्तु दोष निवारण ||

वास्तुदोष रहित रसोईघर के लिए आवश्यक है | कि आपकी किचन आग्नेय कोण में हो और खाना बनाते समय गैसचूल्हा उत्तर या पूर्व दिशा में ही व्यवस्थित करे, यानी की खाना बनाते समय गृहणी का मुख, उत्तर या पूर्व दिशा में होना चाहिए | घर बनवाते या फ्लैट्स खरीदते वक़्त हमेशा ही इस बात का ध्यान रखे |इससे खाना बनाने वाली गृहणी और खाना खाने वाले दोनों ही स्वस्थ रहते हैं |

ध्यान रखने योग्य बात यह है कि मां लक्ष्मी जी का वास घर में दो जगहों पर होता है पहला पूजा घर में और दूसरा रसोई घर में | कोशिश करें रसोईघर को हमेशा खुशबूदार व साफ सुथरा रखें |

आजकल बहुत सी गृहणी रात को झूठे बर्तन रसोई में छोड़ देती है | यह सोच कर कि सुबह साफ कर लेंगे | परंतु यही सबसे बुरी आदत होती है, जिसकी तरफ किसी का ध्यान ही नहीं जाता | रात को झूठे बर्तन छोड़ देने से आप स्वयं मां लक्ष्मी को रुष्ट करते हैं, और अपनी तरक्की में बाधा उत्पन्न करते हैं |

अगर हम इसे विज्ञान की द्रष्टि से देखें तो भी रात को झूठे बर्तन छोड़ने से उनमें बैक्टीरया जमने से रसोई घर में दूषित प्रभाव पड़ता है | तो यह दोनों ही तरीके से गलत कार्य है | वास्तु शास्त्र के अनुसार अग्नि कोण में रसोई घर बनाना अनिवार्य है |

फिर भी अगर किसी कारण वश यहाँ पर रसोई घर नहीं बन पाए तो उपाय यह करें कि जिस दिशा में भी आपका रसोई घर है वहां के अग्नि कोण में, या फिर जहा आपका आग्नेय कोण है वहाआप लाल बल्ब लगाइए, और इसे हमेशा जलाकर रखें | इसके अलावा आप यहाँ सरसो के तेल का दीया भी जला सकते है | इससे आपके रसोईघर का वास्तु दोष कम होता है |

और एक बात का आप अवश्य ध्यान रखें कि रसोई घर में बर्तनों का सिंक खाना बनाते वक्त बाए हाथ पर पड़े और दाएं हाथ की तरफ गैस चूल्हा होना चाहिए |अगर किसी कारणवश आपका सिंकअगर बाए हाथ पर नहीं है तो ये वास्तु दोष है |

तो आप एक उपाय अवश्य ही करें कि आप अपने किचन की स्लैब पर बाएं तरफ एक पानी का घड़ा,या पानी वाला मिल्टन या कोई भी जल का पात्र, पानी से भरकर रख लें | इससे आपका रसोई घर में उत्पन्न वास्तु दोष समाप्त हो जाएगा |

अब बात आती है कि वास्तु शास्त्र के अनुसार एक ऐसी दिशा जहां आप रसोईघर भूलकर भी ना बनवाएं | यह दिशा है, वायव्य कोण | यानी कि उत्तर पश्चिम दिशा, वायव्य कोण कहलाता है| इधर आप भूल कर भी रसोई घर ना बनवाएं |

इस दिशा में आप टॉयलेट बना सकते हैं, झाड़ू पोछा रख सकते हैं, शयन कक्ष भी बनाया जा सकता है | किंतु रसोईघर नहीं बनवाया जा सकता, इस बात का विशेष तोर से ध्यान रखे | यहां रसोई घर बनवाने से शारीरिक व मानसिक परेशानी लगातार बनी रहती हैं, जिससे चाह कर भी आप उनसे निजात नहीं पा सकते |

ऐसे हालात में व्यक्ति को धीरे धीरे बहुत सारी बीमारियां घेर लेती है, जिसे ठीक करने के लिए बहुत सा पैसा और समय बर्बाद हो जाता है | तो प्रिय पाठको यह ध्यान रखें कि सबसे बड़ा वास्तु दोष रसोईघर या पूजा घर से उत्पन्न होता है , यदि वह घर में गलत दिशा में बनवाए गए हो तो |

आप इन आजमाएं हुए उपायों से अपना वास्तु दोष स्वयं ही सही कर सकते हैं | और इनका अपने जीवन में लाभ उठा सकते हैं |

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