बजरंग बाण का पाठ करने के लाभ व फायदे ll

हिन्दू शास्त्र में वज्र रूप वाले संकट मोचन हनुमान जी को बजरंगबली कहा जाता है। संकट को हरने वाले हनुमान जी के अनेक रूप है। उनमें से एक है वज्र रूप।

कलयुग में सबसे प्रभाव शाली व जल्दी ही फल देने वाले बजरंगबली जी है। बजरंग बलि की साधना व् पूजा करने के कुछ नियम, करना बहुत जरूरी होता है।

नियम,व्  साधना में कुछ भी गलती होने पर बजरंगबली दण्ड जरूर देते है l  इसलिए बजरंगबली की पूजा पाठ में किसी भी तरह  का मन में शंका या बुरा आचरण न रखे । बजरंगबली को जल्दी खुश करने के लिए बजरंग बाण का पाठ करें।

बजरंग बाण का पाठ करने से क्या-क्या लाभ मिलता है?

अपने मुख्य काम की पूर्ती व् सिद्धि के लिए मंगल अथवा शनिवार को ही बजरंगबलि की मूर्ती के आगे घी का दीपक लगा के सामने आसान लगा के बैठे । 

पूजा व् साधना करने के लिए माहौल साफ़ व् स्वच्छ होना आवश्यक है। अगर घर में आपका पूजंा मय वातावरण ना बन पाए तो आप मंदिर जा कर भी ये कार्य कर सकते है l बजरंगबली की पूजा में दीप दान करने का बोहोत  महत्व होता है। पूजा पाठ शुर करने से पहले राम नाम  या राम मंत्र का का जाप अवश्य ही करे l 

5 अनाजों (गेंहू, अक्षत , मूंग, उड़द व काले तिल) को पूजा करने  से पहले  1 -1 मुठठी  शुद्ध गंगाजल में भिगो  कर रख दें।

पूजा वाले दिन इन अनाजों को पीसकर उनका एक दीया बना लें। बाती  के लिए अपनी लम्बाई के बराबर कलावे अथवा मौली का एक धागा लेकर इसे 5  बार मोड़ कर बाती बना ले ।

अब क्या करे की धागे की बाती  बनाकर उसे खुशबूदार चमेली के तेल में भिगोकर यूज़ करे । एक बात का ध्यान रखो की जब तक आपकी पूजा व् साधना चलती है दीया ना भुझे व् जलता रहे l 

बजरंगबली को गुग्गल  की धूनी व् खुशबू बोहोत ही प्यारी लगती है। पूजा के आरम्भ  में एक संकल्प लेना चाइये की आप पूरी श्रद्धा के साथ व् एकाग्रचित होकर प्रभु की पूजा व् साधना करेंगे l  ऐसा करने के बाद ही अपनी पूजा शुरू करे l ।

अब शुद्ध आचरण के साथ बजरंगबली की पमूर्ती  पर अपना ध्यान लगाए l और फिर बजरंग बाण जाप शुरू  करें। बजरंग बलि को गुड़ व चना बोहोत प्रिय है इसलिए प्रशाद के लिए गुड़-चने का लड्डू बना कर भोग अवश्य लगाना चाहिए और पूजा में मीठा पान भी अवश्य रखे l 

यदि आप दुश्मनो व् विरोधियों से बहुत दुखी  है तो हर मंगलवार को 11 बार बजरंग बाण का पाठ करें।

बजरंग बाण का प्रतिदिन पाठन करने से आत्म-विश्वास  बढ़ता है व भय से मुक्ति मिलती है l 

जो बालक बोहोत डरते है या किसी को काम को करने से पहले डर से जाते है, उन्हें बजरंग बाण का पाठ अवश्य ही करना चाहिए।

अगर आपके  हर काम में बाधा आती है तो हर मंगलवार व शनिवार  के दिन इक्कीस बार बजरंग बाण का पठन करने से बेहद लाभ होता है l 

एक उपाए ये भी करे की आपकी नौकरी के लिए आप कही साक्षात्कार के लिए जाते है तो घर से सुबह ही पांच बहार बजरंग बाण का पठन करके चले l अवश्य ही कार्य सफल होगा l 

यदि आपके कारोबार में हमेशा ही नुक्सान हो रहा है तो अपनी दूकान में बजरंगबली जी के निमित्त कोई अनुष्ठान करवाए व् आठ मंगलवार बजरंगबाण का पाठ खुद करे या सुयोग्य किसी पंडित से करवाए l 

यहाँ पड़े बजरंग बाण

विशेष:-

तो प्रिय पाठको हमेशा ध्यान रखे की हनुमानजी की पूजा हमेशा  बैठे हुए और आशीर्वाद देते हुए प्रतिमा की करनी चाहिए l बजरंग बलि कलयुग के जीवित अवतार है यानी की हनुमानजी अमर है  जो कि अपने भक्तो पर शीघ्र प्रसन्न होने पर उनकी सभी मनोकामनाय पूर्ण करते है l जो भक्त इनमे से कोई भी उपाय करे तो ब्रहमचार्य का पालन अवश्य ही करे l

जय श्री राम

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