हमारी किचन में छुपा है हमारे नव ग्रह की शांति का राज ।।

Hamari Kitchen Me Chupa Hai Hamare Nav Greh Ki Shanti Ka Raj

ज्योतषी की नजर से अगर देखा जाए तो हमारे नवग्रह जीवन में बहुत ही महत्व रखते हैं। इन्हीं के अनुसार ही हम अपने जीवन में धन-दौलत, प्रॉपर्टी व लोगों से मिलने वाली इज्जत तथा प्रेम का विचार करते हैं। नवग्रह को हम, रसोई में मौजूद मसालों व् उपस्थित कुछ खाद्य पदार्थ के द्वारा मजबूत कर सकते हैं। आइए जानते हैं कौन से मसाले किस ग्रह से संबंध रखते हैं।

नमक :-

नमक हमारी रसोई का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके साथ ही साथ इस का संबंध सूर्य देव से भी है। जोकि हमारे जीवन का एक बहुत बड़ा महत्वपूर्ण अंश है। याद रहे की सफ़ेद नमक का संतुलित सेवन करने से ही तथा इसका दान करने से हमारे जीवन में सूर्य मजबूत होता है। सूर्य ग्रह हमारे करियर व निरोगी शरीर का कारक माना जाता है।

गुड व् लाल मिर्ची:-

इसका सेवन व दान करने से मंगल ग्रह मजबूत होता है। मंगल की शुभ स्तिथि ही जातक को निडर व् साहसी बनाती है। मंगल ग्रह का शुभ होने से जातक अपने शत्रुओं पर निश्चय ही विजय पाता है।

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सौंफ व इलायची:-

इसका सेवन व दान अवश्य करें। इससे हमारे बुध ग्रह मजबूत होते है । अगर इसे मिश्री के साथ लेते हैं, तो शुक्र ग्रह भी इसमें सम्मिलित हो जाते है। इन दोनों के सेवन से हमारे दोनों ग्रहों एक साथ शुभ फल प्रदान करते है।

काली मिर्च व काला नमक:-

जहां सफेद नमक सूर्य ग्रह का प्रतीक है, वही काला नमक शनि देव का कारक माना जाता है। अगर जातक इसका अपने खाने में नियमित प्रयोग करता है या दान करता है, तो वह निश्चय ही शनि की पीड़ा से निजात पा जाता है। इस उपाय से काफी हद तक जातक को असर दिखाई पड़ता है । इसमें कोई संदेह नहीं, शनि देव भी हमारे जीवन में बहुत बड़ी भूमिका निभाते है। वह शनिदेव ही है, जो राजा से रंक और रंक से राजा किसी को भी पल भर में बना सकते हैं।

हल्दी:-

यह तो सभी भली-भांति जानते ही होंगे कि, हल्दी देव गुरु बृहस्पति का प्रतीक माना जाता है। हल्दी का सेवन व दान करने से पीड़ादायक बृहस्पति को भी शुभ किया जा सकता है। बृहस्पति हमारे जीवन में शुभ-विवाह, धन ,आमदनी, व्यापार व बच्चों के कारक माने जाते हैं। और अधिक शुभ फल पाने के लिए नियमित हल्दी या केसर का तिलक लगाएं।

जीरा:-

इसका नियमित उपयोग व दान करने से राहु-केतु को भी संतुलित किया जा सकता है । जीरे का सेवन करने से हमारे जीवन में राहु केतु की पीड़ा में शांति मिलती है । जीरे के शुभ फल पाने के लिए इसे मंगलवार को दही में डालकर खाएं। इससे आपको जीरे के शुभ परिणाम प्राप्त होंगे।

दूध व जल:-

दूध व जल हमारे किचन व घर का सबसे बड़ा और अहम रोल निभाते हैं। इसके बिना आजकल जीवन ही संभव नहीं है। चंद्र ग्रह की शुभता के लिए जातक को दूध व जल का सामर्थ्य अनुसार दान करते ही रहना चाहिए। और अधिक से अधिक जल का भी सेवन जरूर करना चहिये। चंद्र ग्रह हमारे जीवन में सुखी और शांत मन का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो कि हर व्यक्ति के जीवन की अभिलाषा होती है।

विशेष:-

तो प्रिय पाठको इस तरह हम और आप सभी हमारे किचन में उपस्थित और छोटे-छोटे चीजों से अपनी बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। व नव ग्रहों की शांति स्वयं ही कर सकते हैं। और ये उपाये बहुत ही सरल है व आसानी से ये सभी वस्तुऐं हम सभी के घरों में उपलब्ध हो जाती है। तो एक बार ये उपायो को अवश्ये ही अपनाये और अपने जीवन में इसका लाभ अवश्य ले सकते है ।

 

घर में गृह क्लेश की निर्वर्ति व सुख-शांति के लिए संध्या बेला पर करें यह काम ।

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