भड़ला नवमी का महत्व व क्या होती है देवशयनी एकादशी ll

भड़ला नवमी का महत्व :-

हिंदू धर्म में किसी भी कार्य के पहले शुभ मुहूर्त देखा जाता है l फिर बात हो शादी विवाह की तो, इसके लिए भी साल भर में कुछ चुनिंदा तारीखें ही कैलेंडर में होती हैं l

जो कि हिंदू पंचांग से ज्योतिषाचार्य द्वारा बताई जाती हैं l हालांकि एक दिन ऐसा भी आता है l जब आप बिना किसी पंडित या ज्योतिष से पूछे बिना ही शादी या कोई शुभ कार्य कर सकते हैं l

भड़ला नवमी आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भड़ला नवमी कहते हैं l यह दिन विवाह और अन्य मांगलिक कामों के शुभ मुहूर्त माना जाता है l

इस साल भड़ला नवमी शुभ मुहूर्त 29 जून सोमवार को है l इस दिन गुप्त नवरात्रि का समापन भी होता है l

हिंदू धर्म के अनुसार राजस्थान गुजरात सहित उत्तर और मध्य भारत के में भड़ला नवमी को अबूझ मुहूर्त के रूप में बहुत ही खास माना जाता है l

क्या होती है देवशयनी एकादशी

Tulsi
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हिंदू शास्त्रों के अनुसार 1 दिन बाद ही देवशयनी एकादशी आ जाने से, अगले 4 महीनों के लिए विवाह सगाई मुंडन गृह प्रवेश आदि मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं l

लेकिन इस बार अधिक मास होने के कारण 5 महीने तक देव शयन रहेगा l इसलिए 29 जून के बाद 25 नवंबर से ही विवाह और मांगलिक कार्य की शुरुआत हो पाएगी l

इस दौरान लगातार चार महीने तक भगवान विष्णु निंद्रा में लीन रहते हैं l इसके बाद जब देवउठनी एकादशी के दिन जब भगवान विष्णु अपनी निद्रा से जागते हैं l तभी कोई शुभ कार्य की शुरुआत की जा सकती हैंl

हिंदू शास्त्रों के अनुसार इस वर्ष 1 जुलाई को देवशयनी के बाद विवाह आदि अनुष्ठान वर्जित रहेंगे l

हालांकि भड़ला नवमी एकमात्र ऐसा दिन है जब आप शुभ कार्यों को बिना किसी मुहूर्त या ब्राह्मण के परामर्श के बिना भी कोई शुभ कार्य या शादी कर सकते हैं l

हिंदू पंचांग के अनुसार बड़ेला नवमी के अलावा साल भर में बसंत पंचमी, फाल्गुन मास, के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि, रामनवमी, जानकी नवमी, वैशाख माह की पूर्णिमा, गंगा दशमी को भी अबूझ मुहूर्त कहा जाता है l

देश भर में अक्षय तृतीया के बाद, भड़ला नवमी पर सबसे ज्यादा विवाह व शादियां होती हैं l इसमें भी आप बिना विचार किए अपना कोई भी मांगलिक कार्य कर सकते हैं l

तुलसी माता आरती 

विशेष:-

भड़ला नवमी का त्योहार भगवान विष्णु जी को समर्पित हैं l इस दिन कोई भी कार्य शुरू करने से पहले विधि पूर्वक भगवान विष्णु जी की पूजा व आराधना करनी चाहिए l इससे सभी कार्य पूर्ण होते हैं l

इस दिन आप अपने दिन की शुरुआत में नहा धोकर सामर्थ्य अनुसार दान पुण्य इत्यादि अवश्य ही करना चाहिए l इस दिन दिया हुआ दान आपके जीवन में कई गुना फल प्रदान करता है l

 

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