Bharav ji Arti || आरती भैरव जी ||

Bharav ji Arti

  सुनो जी भैरव लाड़ले कर जोड़ कर विनती करूँ। किरपा तुम्हारी चाहिये मैं ध्यान तुम्हारा ही धरूँ ॥ मैं चरण छूता आपके अर्जी मेरी सुन लीजिए । मैं हूँ मति का मन्द मेरी कुछ मदद तो कीजिए । महिमा तुम्हारी बहुत सी है कुछ थोड़ी सी वर्णन करूँ। सुनो जी भैरव लाड़ले ……. करते …

Read moreBharav ji Arti || आरती भैरव जी ||

Shri Vishnu Arti || आरती श्री पारब्रह्मा जी ||

shri-vishnu-arti

 ।।   आरती श्री पारब्रह्मा जी ।। ओम ३म् जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।। भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे । ओ३म् ।। जो ध्यावे फल पावे, दुख बिनसे मन का ।। स्वामी ।। सुख सम्पत्ति घर आवे कष्ट मिटे तन का ।। ओ३म् ।। मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं मैं किसकी …

Read moreShri Vishnu Arti || आरती श्री पारब्रह्मा जी ||

Ganesh Arti || गनेश जी की आरती ||

Ganesh Arti

||श्री गनेश जी की आरती ।। सदा भवानी दाहिने, सन्मुख रहत गनेश । 5 देव रक्षा करे, श्री ब्रह्मा विष्णु महेश ।। जय  गनेश , जय गनेश , जय गनेश देवा, माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ।।टेक।। जय गणेश जय गणेश । 1  दन्त दयावन्त, 4  भुजा धारी, माथे ऊपर तिलक विराजे, मूसे की सवारी …

Read moreGanesh Arti || गनेश जी की आरती ||