Shury Bhagwan Arti || आरती श्री सूर्य भगवान की ||

Shury-Bhagwan-Arti

॥  आरती श्री सूर्य भगवान ॥ Jay कश्यप नन्दन ॐ Jay अदिति नन्दन । त्रिभुवन तिमिर निकन्दन भक्त hirday चन्दन ॥ सप्त अश्वथ रथ राजित-ek चक्रधारी । दु:खहारी shukh kari मानस-मल-हारी ।।OMll sur मुनि भूसुर वदित विम विभवशाली । अघ dal दलन दिवाकर दिव्य किरणमाली ।।OMll Sakal सुकर्म प्रसविता सविता शुभकारी । विश्व विलोचन मोचन Bhay बन्धनहारी …

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Gazal Geeta || ग़ज़ल गीता ||

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।।ग़ज़ल गीता।।  भगवान् श्री कृष्ण ने अर्जुन को कुरुक्षेत्र की भूमि पर गीता का उपदेश दिया | तो प्रिय पाठको मैं आज आपको गीता का पूरा सार एक कविता अथवा ग़ज़ल के रूप में बता रही हु |  इसके पठन  मात्र से सम्पूर्ण गीता का फल प्राप्त होता है | जिसके पढ़ने से मनुष्य की सभी …

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Shri Balaji Arti || श्री बालाजी की आरती ||

Shri-Balaji-Arti

॥ श्री बालाजी की आरती ॥  ओ३म् जय हनुमत वीरा स्वामी जय हनुमत वीरा । संकटमोचन स्वामी तुम हो रणधीरा ॥ वन पत्र अंजनीसुत महिमा अति भारी ।स्वामी। द:ख दारिद्रय मिटावें संकट सब हारी ।।ओ३म् जय।। बाल समय में तुमने रवि को भक्ष्य लियो ।स्वामी। देवों ने अस्तुति कीन्हीं तबहिं छोड़ दिया ।।ओ३म् जय।। कपि …

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Shiv Arti || श्री शिव जी की आरती ||

Shiv Arti

|| श्री शिव जी की आरती || Jay Shiv ओंकारा स्वामी, ओम जय Shiv ओंकारा । ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ओम जय Shiv …॥ एकानन चतुरानन पंचानन राजे । हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ओम जय Shiv …॥ 2  भुज 4 चतुर्भुज 10 भुज अति सोहे। त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ ओम जय Shiv …॥ अक्षमाला बनमाला …

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Bajrangban || श्री बजरंग बाण का पाठ||

बजरंग बाण का पाठ करने के लाभ व फायदे ll

|| श्री बजरंग बाण का पाठ||  दोहा :-निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥ चौपाई : जय हनुमंत संत हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥ जन के काज बिलंब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख दीजै॥ जैसे कूदि सिंधु महिपारा। सुरसा बदन पैठि बिस्तारा॥ आगे जाय लंकिनी रोका। …

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Arti Shri Bhagwat Geeta || आरती श्री भगवद्गीता ||

Arti Shri Bhagwat Geeta आरती श्री भगवद्गीता

।। आरती श्री भगवद्गीता।। ॐ जय भगवद् गीते मईया जय भगवद् गीते | हरि-हिय-कमल विहारिणी सुन्दर सुपुनीते ।। ॐ जय ।। कर्म-सुकर्म-प्रकाशिनि काम आसक्ति हरा । तत्व-ज्ञान-विकाशिनि विद्या ब्रह्म परा ।। ॐ जय ।। निश्चल-भक्ति-विधायनि निर्मल मलहारी। शरण-रहस्य-प्रदायिनि सब विधि सुखकारी ।। ॐ जय ।। राग-द्वेष-विदारिणि कारिण मोद सदा । भव-भय-हारिण तारिणि परम आनन्द प्रदा …

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Shri Ram Stuti || स्तुति श्री रामचन्द्र जी की ||

Ramayana Ki Mahatvata

।।स्तुति श्री रामचन्द्र जी की।। भए प्रगट कृपाला दीनदयाला कौशल्या हितकारी। हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप निहारी।। लोचन अभिरामा तनु घनस्यामा निज आयुध भुज चारी। भूषण बनमाला नयन बिसाला सोभासिंधु खरारी।। कह दोय कर जोरी अस्तुति तोरी केहि बिधि करौं अनंता। माया गुन ग्यानातीत अमाना बेद पुरान भनंता।। करुना सुख सागर सब गुण …

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Shri Ram Vandna || श्री राम वन्दना ||

Ramayana Ki Mahatvata

॥श्री राम वन्दना॥ श्रीरामचन्द्र कृपालु भजु मन, हरण भवभय दारुणं। नवकंज लोचन, कंज-मुख, कर-कंज, पद कंजारुणं।। कंदर्प अगणित अमित छवि, नव नील-नीरद सुन्दरं। पटपीत मानहु तड़ित रुचि, शुचि नौमी जनक सुतावरं। भजु दीनबन्धु दिनेश, दानव-दैत्यवंश निकंदनं। रघुनन्द आनन्दकंद कौशल, चंद दशरथ नन्दन।। सिर मुकुट कुण्डल तिलक, चारु उदारु अंग विभूषणं। आजानुभुज शर-चाप धर, संग्राम – …

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Hanuman ji Arti || हनुमान जी की आरती ||

Hanuman ji Arti

|| हनुमान जी की आरती || आरती कीजे हनु मान लल्ला की, दुष्ट दलन रघु नाथ कला की।। जाके बल से गिरि व्र कापै, रोग-दोष जा के निकट न झां के ।। अंजनि पुत्र महा बल दाई, संंत न के प्रभु सदा सहाई।। दे बीरा रघु नाथ पठा ये, लंका जा रि सीय सुधि ला …

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Tulshi Mata Arti || आरती तुलसी माता जी की ||

Tulshi Mata Arti आरती तुलसी माता जी की

॥ आरती तुलसी माता जी की॥ तुलसी महारानी नमोः नम्:॥ हरि की पटरानी नमो: नमः॥ सालग की रानी नमो नम्:॥ गंगे महारानी नमो नमः ॥ जो कोई तुलसी सवेरे ही ध्यावै- श्री कृष्ण जी के दर्शन पावै ॥ तुलसी महारानी नमो नमः ॥ हरी की पटरानी नमो नमः ॥ जो कोई तुलसी दोपहर को ध्यावै- …

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